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‘मातृछाया’ को कर्नाटक के राज्यपाल माननीय श्री थावरचंदजी गहलोत के करकमलों से ‘श्रेष्ठ महिला संगठन’ के अलंकरण से सम्मानित किया गया।

करुणा का दीप जलाकर मानवता की रोवा को जीवन का उद्देश्य बनाने वाली ‘मातृछाया’ जैन महिला संगठन आज सेवा, संवेदना और समर्पण का प्रेरक प्रतीक बन चुकी है।
यह गाथा उन निरवार्थ महिलाओं की है, जिन्होंने जीवदया, मानव सेवा, साथर्मिक भक्ति, गुरु भगवंतों की वैयावच्च तथा जरूरतमंद एवं बेसहारा लोगों के जीवन को संवारने और उज्ज्वल बनाने के लिए रवयं को समर्पित कर दिया।
रान 1998 में बेंगलूरु की सुश्राविकाओं ने इरा संगठन की स्थापना की। संगठन की नौ महिलाओं ने वर्षों तक निःस्वार्थ भाव से संगठन का संचालन करते हुए मानव सेवा, जीवदया, साधर्मिक भक्ति, देवद्रव्य, गुरु भगवंतों की वैयावच्च, अनाथ आश्रमों तथा गौशालाओं में सहयोग जैसे अनेक कार्यों को निरंतर गति प्रदान की।
‘मातृछाया’ की सदरयाएँ अपने दैनिक जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं।
पशु-पक्षियों को आहार कराने से लेकर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुँचाने तक, उनका प्रत्येक प्रयास करुणा और समर्पण का राजीव उदाहरण है। यही कारण है कि मातृछाया आज रामाज में सेवा की
मजबूत पहचान बन चुकी है।
संगठन ने निःशुल्क रवारथ्य जाँच, नेत्र परीक्षण, चिकित्सा राहायता, डायलिशिरा सहयोग, कृत्रिम पैर आरोपण तथा कैंसर जाँच जैसे अनेक शिविरों का आयोजन कर हजारों लोगों को लाभान्वित किया गया। जरूरतमंद मरीजों के किडनी डायलिसिस में संगठन द्वारा 40 लाख रुपये से अधिक का सहयोग प्रदान किया गया है।
‘मातृछाया’ ने अनेक गौशालाओं को गोद
लेकर पशुओं के भोजन, उपचार और आश्रय की व्यवरथा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कर्नाटक, राजस्थान, नेल्लोर, और अन्य स्थानों पर गौशालाओं के लिए शेड निर्माण, पेयजल टैंक तथा चारे की व्यवरथा हेतु लाखों रुपये का योगदान दिया गया। संगठन ने सैकड़ों गायों को कत्लखानों में जाने से बचाकर सुरक्षित गौशालाओं तक पहुँचाने का भी सराहनीय कार्य किया है।
जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीरा, पुरतकें और रकूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराकर संगठन ने अनेक बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशरत किया। संगठन जरूरतमंद जैन परिवारों को राशन, चिकित्सा सहायता, बच्चों की शिक्षा, घर के किराये तथा आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहा है।
तीर्थ यात्रा, देवद्रव्य और धार्मिक सेवा के क्षेत्र में भी मातृछाया ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। कोरोना महामारी की अवधि में संगठन ने रोगग्रस्त व्यक्तियों की सहायता के लिए 10 ऑक्सीजन मशीनों का दान किया।

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