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मातृछाया’ जैन महिला संगठन द्वारा एनआर कॉलोनी स्थित एपीएस एजुकेशनल ट्रस्ट में निःशुल्क स्वास्थ्य और कैंसर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। नवकार महामंत्र मंगलाचरण से कार्यकम का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि बसवनगुडी क्षेत्र के विधायक रविसुब्रमण्या, एपीएस एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ विष्णुभरतजी आलमपल्ली, सचिव ए प्रकाशजी, रामैया हॉस्पिटल के डॉ मोहनजी, डॉ लक्ष्मीनारायण
जी, मुख्य प्रायोजक कनकराजजी संचेती, विशिष्ट अतिथि जैन कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय प्रमुख मार्गदर्शिका रतनीबाईजी मेहता, धीरेन्द्रकुमारजी सिंघी, अशोकजी नागोरी के साथ संगठन की पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन किया। रामैया हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित इस शिविर में आधुनिक मशीनों के माध्यम से लगभग 380 जरूरतमंद लोगों की कैंसर एवं स्वास्थ्य की जांच की गई। मार्गदर्शिका त्रिशलाजी कोठरी
ने बताया कि संगठन का प्रयास है कि उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचे, जिनके पास साथन और जानकारी का अभाव है। अध्यक्ष ललिताजी नागोरी ने बताया कि ‘मातृछाया’ पिछले 28 वर्षों से मानव सेवा, जीवदया, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और मानवीय कार्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने में कार्यरत है। एपीएस एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विष्णुभरतजी आलमपल्ली ने मातृछाया द्वारा किए जा रहे
सेवा कार्यों की सराहना की। डॉ. मोहनजी ने कहा कि रामैया हॉस्पिटल के साथ मिलकर मातृछाया ने एक स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में लोगों को प्रेरित किया है।
डॉ. लक्ष्मीनारायण ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, सही खान-पान, और नियमित व्यायाम से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। प्रायोजक गीतादेवी कनकराजजी संचेती ने कहा कि मातृछाया के इस सेवा कार्य से गरीब और वंचित लोगों को
स्वस्थ और जागरूक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। सचिव रेशमाजी बड़ोला ने जानकारी दी कि शिविर में कैंसर परिक्षण के साथ ही ईएनटी, डेंटल, आर्थोपेडिक, रक्तचाप, मधुमेह, डर्माटोलॉजी, नेत्र जांच आदि परिक्षण हेतु विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उपस्थित रही। पूर्व पार्षद कविताजी जैन ने बताया कि मातृछाया ने बीते कई सप्ताहों से जरूरतमंद नगर पालिका कर्मचारियों को शिविर की जानकारी दी। व्यवस्था में उपाध्यक्ष पुष्पाजी बोहरा, निर्मलाजी दांतेवाड़िया, कांताजी समदड़िया, पुष्पजी नागोरी, लीलाजी भंसाली, त्रिशलाजी दांतेवाड़िया, जीनाजी मेहता, मनीषाजी सालेचा, मीनाजी सोलंकी, मधुजी तातेड़, वीणाजी जैन, रिंकूजी जैन, ईशाजी बोरा, मंजूजी ओस्तवाल, मोनिकाजी पालरेचा, सारिकाजी लुंकड़, सरलाजी जैन, काजलजी जैन, मंगलाजी खांटेड़, रेणुजी गांधी, शोभाजी भंसाली, बंदनाजी कोचर आदि का सहयोग रहा।

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